देश की अति सुरक्षित समझी जाने वाली इलाहाबाद की नैनी सेंट्रल जेल में आज फिर जमकर बवाल हुआ। तलाशी के दौरान सिम कार्ड मिलने के बाद बंदियों और जेल कर्मियों में मारपीट हुई। करीब तीन सौ बंदियों ने एकजुट होकर अफसरों को दौड़-दौड़ा कर पीटा। हमले में कई अधिकारी, सिपाही और नंबरदार जख्मी हुए हैं। बवाल के मद्देनजर जेल के बाहर पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। वैसे अधिकृत तौर पर जेल में मारपीट जैसी बात से इनकार किया जा रहा है। इससे पूर्व शुक्रवार को भी जेल में बंदियों ने डिप्टी जेलर पर हमला कर दिया था। सुबह जेल अधिकारी नंबरदारों के साथ सर्किल दो की बैरक नंबर आठ में तलाशी अभियान चला रहे थे। करीब तीन सौ बंदियों को कतार में खड़ा किया गया था। इसी बीच एक सिम कार्ड जमीन पर मिला। जेल अधिकारी बंदियों से पूछताछ शुरू की। बंदियों का सामान और बर्तन इधर-उधर फेंकने लगे। इससे बंदियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने चम्मच, थाली, छन्ना, भगोना जो भी मिला उसे हथियार बनाकर हमला कर दिया। इससे जेलर, डिप्टी जेलर समेत कई नंबरदार जख्मी हो गए। जान बचाने के लिए जेल कर्मी हाई सिक्योरिटी बैरक में घुस गए और सायरन भी बजवा दिया गया। इसके बाद जेल में तैनात सिपाही, नंबरदार और कर्मचारी दौड़ते हुए पहुंचे। कुछ ही देर में डीआइजी, वरिष्ठ जेल अधीक्षक फोर्स के साथ अंदर पहुंच गए। उपद्रव कर रहे बंदियों की पिटाई कर बैरकों में भेज दिया गया। डीआइजी जेल संतोष श्रीवास्तव ने अलार्म बजाकर फोर्स बुलाने की बात तो मानी लेकिन बवाल जैसी बात को खारिज कर दिया।$type=ticker$meta=0$readmore=0$cat=0$snippet=0$columns=4$show=home
देश की अति सुरक्षित समझी जाने वाली इलाहाबाद की नैनी सेंट्रल जेल में आज फिर जमकर बवाल हुआ। तलाशी के दौरान सिम कार्ड मिलने के बाद बंदियों और जेल कर्मियों में मारपीट हुई। करीब तीन सौ बंदियों ने एकजुट होकर अफसरों को दौड़-दौड़ा कर पीटा। हमले में कई अधिकारी, सिपाही और नंबरदार जख्मी हुए हैं। बवाल के मद्देनजर जेल के बाहर पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। वैसे अधिकृत तौर पर जेल में मारपीट जैसी बात से इनकार किया जा रहा है। इससे पूर्व शुक्रवार को भी जेल में बंदियों ने डिप्टी जेलर पर हमला कर दिया था। सुबह जेल अधिकारी नंबरदारों के साथ सर्किल दो की बैरक नंबर आठ में तलाशी अभियान चला रहे थे। करीब तीन सौ बंदियों को कतार में खड़ा किया गया था। इसी बीच एक सिम कार्ड जमीन पर मिला। जेल अधिकारी बंदियों से पूछताछ शुरू की। बंदियों का सामान और बर्तन इधर-उधर फेंकने लगे। इससे बंदियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने चम्मच, थाली, छन्ना, भगोना जो भी मिला उसे हथियार बनाकर हमला कर दिया। इससे जेलर, डिप्टी जेलर समेत कई नंबरदार जख्मी हो गए। जान बचाने के लिए जेल कर्मी हाई सिक्योरिटी बैरक में घुस गए और सायरन भी बजवा दिया गया। इसके बाद जेल में तैनात सिपाही, नंबरदार और कर्मचारी दौड़ते हुए पहुंचे। कुछ ही देर में डीआइजी, वरिष्ठ जेल अधीक्षक फोर्स के साथ अंदर पहुंच गए। उपद्रव कर रहे बंदियों की पिटाई कर बैरकों में भेज दिया गया। डीआइजी जेल संतोष श्रीवास्तव ने अलार्म बजाकर फोर्स बुलाने की बात तो मानी लेकिन बवाल जैसी बात को खारिज कर दिया।
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